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पाकिस्तान: संसद में एक सुर में गरजीं सभी महिला सांसद, बोलीं- दुष्कर्मियों को चौराहे पर फांसी दो

पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Sat, 31 Jul 2021 04:06 PM IST

सार

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में महिलाओं और बच्चों के साथ उत्पीड़न और दुर्व्यवहार करने वाले सभी दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की मांग की गई है।  महिला सांसदों ने दुष्कर्म के मामलों की समीक्षा के लिए एक संसदीय समिति के गठन का भी आह्वान किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : concept photo
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विस्तार

पाकिस्तान में बढ़ते दुष्कर्म के मामलों को देखते हुए अब महिला सांसदों ने दुष्कर्मियो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिला सांसदों ने एक सुर में यह मांग की है कि सभी दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जाए जिससे कि दूसरे अपराधियों में डर पैदा हो सके। 
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डॉन अखबार ने शनिवार को बताया कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की महिला सदस्यों ने शुक्रवार को नेशनल असेंबली में यह मांग की। विपक्षी पार्टी पीएमएल-एन की सांसद सैयदा नोशीन इफ्तिखार ने कहा, हम 69 महिलाएं दुष्कर्म के मामले में त्वरित निर्णय चाहते हैं और दुष्कर्मियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने की मांग करते हैं।


इमरान की पार्टी की सांसद नूर मुकादम की हत्या का जिक्र कर रो पड़ीं
वहीं प्रधान मंत्री इमरान खान की पार्टी की एक सांसद अस्मा कादिर महिलाओं और बच्चों पर बढ़ रहे दुष्कर्म के बढ़ते मामलों और हाल ही में इस्लामाबाद में पूर्व राजनयिक शौकत मुकादम की बेटी नूर मुकादम की हत्या के बारे में बात करते हुए रो पड़ीं। उन्होंने कहा, अगर पाकिस्तान को चलाना है, तो दुष्कर्मियों और हत्यारों को सार्वजनिक रूप से फांसी दो।

इस्लामाबाद के पॉश इलाके में इस महीने मुकादम की एक बिजनेस टाइकून के बेटे ने जघन्य हत्या कर दी। जिसके बाद महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुष्कर्म के मुद्दे ने सांसदों का ध्यान खींचा। हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि विवाह प्रस्ताव ठुकराने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पीएमएल-एन के मेहनाज अकबर अजीज ने कहा कि मुकादम के हत्यारे को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

महिलाओं के प्रति मानसिकता बदलने की जरूरत पर भी जोर
दक्षिणपंथी जमाती-ए-इस्लामी के मौलाना अकबर चित्राली ने भी महिला सांसदों की मांग का समर्थन किया और कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दुष्कर्मियों और हत्यारों को सार्वजनिक स्थानों पर फांसी दी जानी चाहिए। पीपीपी के शमीम आरा पंहवार ने भी कहा कि बाल शोषण और महिलाओं से दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अपराधियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

संघीय मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने कहा कि सरकार ने हाल ही में दुष्कर्म के मामलों के खिलाफ एक कानून पारित किया है, लेकिन केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा क्योंकि महिलाओं के बारे में समाज की मानसिकता को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी महिलाओं की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि महिलाएं अब अपने अपमान और पीड़ा को स्वीकार नहीं करेंगी। उन्होंने संतोष जताया कि मुकादम के मामले की जांच सही दिशा में की जा रही है।

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