अध्ययन : वैज्ञानिकों ने कहा- एंटीबॉडीज को धोखा देने में डेल्टा सक्षम, इसलिए अधिक घातक

एजेंसी, लंदन Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 08 Sep 2021 07:30 AM IST

सार

  • दूसरे वैरिएंट की तुलना में वायरस का बी.1.617.2 स्वरूप अपनी संख्या बढ़ाने में ज्यादा तेजी दिखाता है
  • वायरस न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज को भी धोखा देने में है सक्षम
डेल्टा वैरिएंट
डेल्टा वैरिएंट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप का प्रकोप भारत समेत दुनिया के सभी देशों में हैं। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के वैज्ञानिकों ने भी कहा है कि वायरस का यह रूप एंटीबॉडीज को धोखा देने की में सक्षम है। जिसके कारण यह अधिक संक्रामक और घातक नजर आ रहा है। 
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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने डेल्टा और टीके के प्रभाव पर किया अध्ययन, ज्यादा तेज प्रसार मिला
नेचर जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर रविंद्र गुप्ता का कहना है कि लैब में परीक्षण में पाया है कि वायरस का बी.1.617.2 स्वरूप अन्य दूसरे वैरिएंट की तुलना में अपनी संख्या बढ़ाने में ज्यादा तेजी दिखाता है।


इसी कारण दुनियाभर में इसकी चपेट में आने वाले लोगों की संख्या भी अधिक है। वायरस न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज को भी धोखा देने में सक्षम हैं। जिसके कारण टीका लगवा चुके लोग भी चपेट में आ रहे हैं।

भारत में डेल्टा दूसरी लहर का प्रमुख कारक 
वैज्ञानिक ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में कोरोना की भयावह दूसरी लहर में बहुत से ऐसे लोग भी संक्रमण की चपेट में आए जो पहली लहर में संक्रमित हो चुके थे। अब दुनियाभर में टीका लगवा चुके लोग भी डेल्टा वैरिएंट की चपेट में आ रहे हैं।

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