अब रूस की प्राथमिकता है ‘नई विश्व व्यवस्था’ बनाना, 22 जून को आयोजित कर रहा है मास्को सम्मेलन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 04 Jun 2021 04:21 PM IST

सार

रूसी विश्लेषकों ने कहा है कि इस वक्त विश्व के सुरक्षा और राजनीतिक परिदृश्य में एतिहासिक बदलाव आ रहे हैं। पुरानी विश्व व्यवस्था दरक रही है। अभी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को तय करने वाली जो व्यवस्था है, उसे कुछ देश जानबूझ कर नष्ट कर रहे हैं...
व्लादिमीर पुतिन
व्लादिमीर पुतिन - फोटो : Pixabay
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

रूस ने कहा है कि अगले 22 से 24 जून तक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित होने जा रहा मास्को सम्मेलन एक ‘नई विश्व व्यवस्था’ बनाने की कोशिश का हिस्सा है। हालांकि यह मास्को सम्मेलन का नौवां संस्करण होगा, लेकिन इस बार रूस इसकी प्रोफाइल बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रूस के उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्सांद्र फोमिन ने कहा है कि मौजूदा विश्व विधि व्यवस्था बिखर रही है। अब एक नया शीत युद्ध शुरू हो गया है, जिसमें अलग-अलग देश किसी एक पक्ष से जुड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
विज्ञापन


फोमिन ने रूसी टीवी चैनल रशिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि 49 देश मास्को सम्मेलन भाग लेने की पुष्टि कर चुके हैं। उन देशों के सैनिक अधिकारी और सुरक्षा विशेषज्ञ इसमें हिस्सा लेने आएंगे। फोमिन ने कहा कि रूस ने इस सम्मेलन के लिए आमंत्रण भेजते वक्त इस बात को नजरअंदाज किया कि संबंधित देश का रूस के साथ कैसा रिश्ता है। उन्होंने कहा- ‘इस सम्मेलन हम सिर्फ अपने उन सहभागियों को ही मंच देने नहीं जा रहे हैं, जो वैश्विक समस्याओं को हल करने के मामले में हमारे नजरिए से सहमत हैं। बल्कि हम इसमें अपने विरोधी देशों को भी बुला रहे हैं, जिनके साथ हमारा सहयोग अभी न्यूनतम या शून्य है।’


रूसी विश्लेषकों ने कहा है कि इस वक्त विश्व के सुरक्षा और राजनीतिक परिदृश्य में एतिहासिक बदलाव आ रहे हैं। पुरानी विश्व व्यवस्था दरक रही है। ऐसे मौके पर मास्को सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं की अहमियत बढ़ गई है। रूसी विश्लेषकों का कहना है कि अभी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को तय करने वाली जो व्यवस्था है, उसे कुछ देश जानबूझ कर नष्ट कर रहे हैं। सामूहिक रूप से निर्णय लेने में अंतरराष्टरीय संगठनों और संधियों की भूमिका घटा दी गई है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि कई ऐसी संधियों और संगठनों से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश को निकाल लिया था। रूस और अमेरिका के बीच अब एकमात्र प्रभावी संधि स्टार्ट रह गई है, जिसकी अवधि पांच साल और बढ़ाने पर हाल में राष्ट्रपति जो बाइडन राजी हुए।

रूस का आकलन है कि नई अस्त्र प्रणालियों के विकास और मसलों को हल करने के लिए कुछ देशों के युद्ध का सहारा लेने के कारण भी पुरानी विश्व व्यवस्था की साख कम हुई है। इसी कारण नई विश्व व्यवस्था के उदय का रास्ता साफ हुआ है। साइबर और अंतरिक्ष युद्ध जैसी संभावनाओं ने ऐसे नए सिद्धांतों और तरीकों की जरूरत साफ की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नए सिरे से परिभाषित किया जा सके।

इस बीच यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ जारी तनाव के बीच रूस लगातार ईयू खेमे में अपनी पैठ बनाने में जुटा हुआ है। इसमें उसे कुछ कामयाबियां भी मिली हैं। खासकर ऑस्ट्रिया का रुख उसके प्रति हाल में काफी नरम रहा है। अब ऑस्ट्रिया के चांसलर सिबैस्टियन कुर्ज ने कहा है कि यूरोप में शांति सिर्फ तभी कायम हो सकती है, अगर रूस और ईयू आपस में बातचीत करें और दोनों पक्ष पारस्परिक लाभ वाले मामलों में सहयोग करें। गौरतलब है कि कुर्ज ने ये बातें रूसी समाचार एजेंसी तास को दिए एक इंटरव्यू में कहीं। ये इंटरव्यू सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक फोरम की बैठक के मौके पर लिया गया है।

कुर्ज इस फोरम में भाग लेने के लिए रूस आए हुए हैं। उसमें कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी भी भाग लेंगे। ये दोनों नेता एक साथ मंच पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मौजूद रहेंगे। इसे भी यहां एक अहम घटनाक्रम समझा गया है। जिस समय ईयू पुतिन से बेहद नाराज है, कुर्ज के यहां आने को रूस की एक कूटनीतिक जीत के रूप में पेश किया जा रहा है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00