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Havan for Rishi Sunak: पीएम पद की रेस में पिछड़े सुनक, जीत के लिए भारतवंशी कर रहे हवन समेत कई जतन

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 09 Aug 2022 12:06 PM IST
सार

पीएम बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी एक चुनाव अभियान छेड़े हुए है। सितंबर में पार्टी सदस्यों की अंतिम वोटिंग के जरिए नए पीएम का चयन होगा। कई चरणों में चुनाव प्रक्रिया जारी है।

ऋषि सुनक
ऋषि सुनक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ब्रिटेन के पीएम पद की रेस में शामिल पूर्व विदेश मंत्री ऋषि सुनक की जीत के लिए भारतवंशी तमाम जतन कर रहे हैं। सुनक के पक्ष में ब्रिटेन में रह रहे तमाम अनिवासी भारतीय अभियान छेड़े हुए हैं। उनकी जीत के लिए हवन भी किए जा रहे हैं। 


पीएम बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी एक चुनाव अभियान छेड़े हुए है। सितंबर में पार्टी सदस्यों की अंतिम वोटिंग के जरिए नए पीएम का चयन होगा। कई चरणों में चुनाव प्रक्रिया जारी है। अब तक के चरणों में सुनक की प्रतिद्वंद्वी विदेश मंत्री लिज ट्रस आगे चल रही हैं। अब तक हुए दो जनमत सर्वेक्षणों में ट्रस ने सुनक पर बढ़त बना ली है। 


भारतवंशियों को सुनक पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि सुनक ब्रिटेन को वित्त संकट से बाहर निकाल सकते हैं। इसलिए हम उनकी जीत की कामना से हवन व प्रार्थना कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुनक भारतीय हैं, इसलिए हम हवन व प्रार्थना नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे सक्षम प्रत्याशी हैं, इसलिए उनकी जीत की कामना कर रहे हैं। 

हाल ही सुनक व ट्रस के बीच टेलीविजन पर बहस हुई थी। इसमें कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों के बीच सुनक ने जीत हासिल की थी। यह सुनक के लिए प्रोत्साहनकारी है। चुनावी बहस के एजेंडे में बढ़ती जीवन लागत, ऊर्जा बिल, महंगाई जैसे मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं।

ब्रिटेन में 15 लाख भारतीय
भारतीय प्रवासी ब्रिटेन में सबसे बड़े जातीय अल्पसंख्यकों में से हैं। ब्रिटेन में करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं। ये कुल ब्रिटिश आबादी के करीब 2.5 फीसदी हैं। उनका ब्रिटेन की जीडीपी में छह फीसदी योगदान है। ग्रांट थॉर्नटन की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में भारतीय कंपनियों की संख्या पिछले साल 805 थी, जो 2022 में बढ़कर 900 हो गई है। उनका राजस्व 54.4 अरब पाउंड है। 2021 में यह 50.8 अरब पाउंड से अधिक है। इस कामयाबी में सुनक का भी बड़ा योगदान है। भारतीयों की सफलता की कहानी ब्रिटेन में सभी का ध्यान आकर्षित करती है। 

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