अमेरिका: गर्भपात अधिकार के मुद्दे पर चढ़ा राजनीतिक पारा, संसद ने पास किया वूमंस हेल्थ बिल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 25 Sep 2021 04:13 PM IST

सार

वूमंस हेल्थ बिल नाम से पारित इस विधेयक के पक्ष में 218 और विरोध में 211 वोट पड़े। इस बिल में गर्भपात कराना महिलाओं का मूलभूत अधिकार बताया गया है। साथ ही, अमेरिकी राज्यों में कानून बना कर गर्भपात के रास्ते में रुकावटें खड़ी करने को अवैध ठहराया गया है...
गर्भपात कानून
गर्भपात कानून - फोटो : Social Media
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विस्तार

अमेरिका में गर्भपात अधिकार के मुद्दे पर राजनीतिक पारा और चढ़ गया है। इस मसले पर सत्ताधारी डेमोक्रेटिक और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के बीच गोलबंदी और तीखी हो गई है। शुक्रवार को अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने गर्भपात कराने के महिलाओं के अधिकार को कानूनी रूप से सुरक्षित करने के मकसद से एक बिल पारित किया। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के एक भी सदस्य ने इसके पक्ष में मतदान नहीं किया। जबकि टेक्सस राज्य से निर्वाचित एक डेमोक्रेट सदस्य ने बिल के विरोध में वोट डाला।
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वूमंस हेल्थ बिल नाम से पारित इस विधेयक के पक्ष में 218 और विरोध में 211 वोट पड़े। इस बिल में गर्भपात कराना महिलाओं का मूलभूत अधिकार बताया गया है। साथ ही, अमेरिकी राज्यों में कानून बना कर गर्भपात के रास्ते में रुकावटें खड़ी करने को अवैध ठहराया गया है। ये मुद्दा हाल में रिपब्लिकन शासन वाले टेक्सस राज्य में बनाए गए एक कानून से गरमाया है। उस कानून में गर्भस्थ भ्रूण में दिल की धड़कन शुरू होने के बाद उसका गर्भपात कराना अपराध बना दिया गया है। इसीलिए इस अधिनियम को हर्टबीट कानून नाम दिया गया है।


हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव से पारित किए गए बिल में हर्टबीट जैसी शर्तें लगाने या गर्भपात के पहले महिला को ऐसा न करने के लिए अनिवार्य रूप से समझाने-बुझाने जैसे प्रावधान करने को गैर-कानूनी ठहराया गया है। इस बिल में उस अवधि तक गर्भपात कराने को वैध ठहराया गया है, जब तक गर्भ के बाहर आने के बाद बच्चे का जीवित रहना संभव ना हो। विश्लेषकों का कहना है कि इस बिल में शामिल किए गए प्रावधान अब तक अमेरिका में गर्भपात अधिकार की दिशा में लागू किए गए प्रावधानों से अधिक उदार हैं।

अब तक अमेरिका के 20 फीसदी राज्यों में गर्भपात को सीमित करने के कानून बनाए जा चुके हैं। टेक्सस और मिसीसीपी राज्य के कानूनों का मसला अब सुप्रीम कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट ने टेक्सस राज्य के नए कानून पर रोक लगाने की गुजारिश ठुकरा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में इस समय कंजरवेटिव जजों का बहुमत है। इसलिए अंदेशा है कि कोर्ट 1973 में आए अपने उस फैसले को पलट देगा, जिसमें गर्भपात को संविधान सम्मत ठहराया गया था। विश्लेषकों के मुताबिक इसी आशंका के कारण हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने नया बिल पारित कराया। लेकिन अभी सीनेट में ये बिल पारित होगा या नहीं, यह तय नहीं है।

रिपब्लिकन पार्टी ने गर्भपात को सीमित करने को अपना एक प्रमुख एजेंडा बना लिया है। शुक्रवार को रिपब्लिकन सदस्य मारजोरी टेलर ग्रीन ने हाउस के बाहर कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक भयानक कदम उठाया है, जिसके लिए उसे शर्मिंदा होना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘जन्म से ठीक पहले तक किसी बच्चे को मारने की इजाजत देना सभ्यता के खिलाफ है। इसे हत्या कहा जाता है।’ लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी ने बिल पारित होने के बाद एक बयान इसे प्रजनन स्वतंत्रता पर रिपब्लिक पार्टी के लगातार हमलों के खिलाफ संघर्ष में एक बड़ा कदम करार दिया।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि दोनों पार्टियो के रुख को देखते हुए आशंका है कि गर्भपात के मसले पर देश में पहले से ही जारी राजनीतिक और वैचारिक ध्रुवीकरण आने वाले दिनों और तीखा रूप ले लेगा।
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