जापान में नया नेता चुनने के लिए 29 सितंबर को मतदान: शुरू होगी अगला प्रधानमंत्री बनने को होड़

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 16 Sep 2021 02:55 PM IST

सार

एलडीपी के मौजूदा नेता और प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने बीते तीन सितंबर को नेता पद छोड़ने का एलान कर दिया था। उसके बाद नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई। नेता पद के चुनाव में जापानी संसद डियेट और स्थानीय प्रशासन की विधायिकाओं के एलडीपी के सदस्य मतदान करेंगे। जापान में स्थानीय प्रशासन की इकाई को परफेक्चर कहा जाता है। देश में कुल 47 परफेक्चर हैं...
योशिहिदे सुगा
योशिहिदे सुगा - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार

जापान में शुक्रवार से सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नए नेता के चुनाव का अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। नया नेता चुनने के लिए मतदान 29 सितंबर को होगा। जापान की राजनीतिक व्यवस्था ऐसी है, जिसमें लोगों की संसदीय चुनाव से ज्यादा दिलचस्पी एलडीपी के नेता के चुनाव में रहती है। इसकी वजह यह है कि आम तौर पर एलडीपी के नेता का प्रधानमंत्री बनना तय रहता है। वैसे जापान में संसदीय चुनाव के लिए अगले महीने मतदान होगा।
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एलडीपी के मौजूदा नेता और प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने बीते तीन सितंबर को नेता पद छोड़ने का एलान कर दिया था। उसके बाद नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई। नेता पद के चुनाव में जापानी संसद डियेट और स्थानीय प्रशासन की विधायिकाओं के एलडीपी के सदस्य मतदान करेंगे। जापान में स्थानीय प्रशासन की इकाई को परफेक्चर कहा जाता है। देश में कुल 47 परफेक्चर हैं। अखबार जापान टाइम्स के मुताबिक इस बार पार्टी ने नेता पद चुनने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया है। इस बार पहले दौर के मतदान में नेशनल डियेट और परफेक्चरों एलडीपी सदस्य मतदान करेंगे। इनका मतदान वैल्यू 766 तय किया गया है। उनमें से 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाने वाले नेता को विजयी घोषित किया जाएगा।


एलडीपी की चुनाव प्रक्रिया के मुताबिक अगर पहले दौर के मतदान में किसी नेता को आधे से ज्यादा वोट नहीं मिले, तो फिर पहले दो नंबर पर रहे दो नेताओं के बीच दूसरे दौर का मतदान होगा। इस दौर में सदस्यों के वोट का मूल्य अलग फॉर्मूले से तय होगा। उसमें कुल 430 वोट होंगे, जिनमें से आधे से ज्यादा पाने वाले को विजेता घोषित किया जाएगा। संसदीय चुनाव में अगर एलडीपी को फिर से बहुमत मिला, तो विजेता नेता प्रधानमंत्री बनेगा।

नेता चुनाव के लिए शुक्रवार से शुरू हो रहे प्रचार अभियान के दौरान सभी उम्मीदवार देश भर का दौरा करके अपनी नीतियों की चर्चा करेंगे। जापान की न्यूज एजेंसी क्योदो ने एक टिप्पणी में कहा है कि एलडीपी के सभी प्रमुख गुटों ने इस चुनाव में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं या वे किसी दूसरे गुट के नेता का समर्थन कर रहे हैं। एलडीपी में सात बड़े गुट हैं। जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक इस होड़ में टीकाकरण मंत्री तारो कोनो सबसे आगे चल रहे हैँ। पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा ने भी पहले अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी, लेकिन बुधवार को उन्होंने कोनो को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया। इससे कोनो की स्थिति और मजबूत हुई है। अब कोनो का मुख्य मुकाबला पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा और पूर्व संचार मंत्री सनाये ताकाइची से माना जा रहा है।

पूर्व संचार मंत्री सीको नोडा आखिरी वक्त तक उम्मीदवार बनने की कोशिश में हैं। इसके लिए 20 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल तारो कोनो की स्थिति मजबूत दिख रही है। लेकिन चूंकि मतदान पार्टी के निर्वाचित सदस्य करते हैं, इसलिए पक्की भविष्यवाणी मुश्किल बनी हुई है। आखिरी वक्त पर पासा पलट भी सकता है। एलडीपी का गठन 1955 में हुआ था। तब से वह सिर्फ दो छोटी अवधियों के लिए विपक्ष में रही है। आखिरी बार 2009 से 2012 के बीच वह विपक्ष में थी, जब विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी सत्ता में आई थी।
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