Winter Olympics 2022: बीजिंग ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार करेगा अमेरिका, बाइडन प्रशासन ने किया एलान

वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला, वॉशिंगटन Published by: सुभाष कुमार Updated Tue, 07 Dec 2021 12:54 AM IST

सार

बाइडन प्रशासन बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में अपने किसी भी आधिकारिक या राजनयिक प्रतिनिधिमंडल को नहीं भेजेगा।
अमेरिका ने इसका कारण चीन द्वारा शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन को बताया है।
अमेरिका ने इसका कारण चीन द्वारा शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के उल्लंघन को बताया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका साल 2022 में चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों का राजनयिक बहिष्कार करेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने इस बात की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में अपने किसी भी आधिकारिक या राजनयिक प्रतिनिधिमंडल को नहीं भेजेगा। उन्होंने इसका कारण चीन द्वारा शिनजियांग प्रांत में और देश में अन्य मानवाधिकारों के उल्लंघन को बताया है। 
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अमेरिका ने यह घोषणा शीतकालीन ओलंपिक के शुरू होने के दो महीने पहले की है। फरवरी 2022 में इन खेलों की शुरूआत होनी है। इससे पहले भी अमेरिका द्वारा इस कदम को उठाए जाने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, अमेरिकी खिलाड़ियों के शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेने की उम्मीद जताई जा रही है। बाइडन प्रशासन केवल अपने किसी राजनयिक प्रतिनिधि को बीजिंग नहीं भेजेगा। 


अमेरिका का यह कदम अमेरिकी एथलीटों को प्रतिस्पर्धा करने से रोके बिना विश्व मंच पर चीन को एक कड़ा संदेश भेजने की कोशिश मानी जा रही है। व्हाईट हाऊस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि अमेरिकी एथलिटों को हमारा पूरा समर्थन है, हम पूरी तरह उनके साथ है। वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने सोमवार को अमेरिका पर ओलंपिक में बिना आमंत्रण के राजनयिक बहिष्कार को तूल देने का आरोप लगाया। अमेरिका ने पिछली बार 1980 में शीत युद्ध के काल में मॉस्को ओलंपिक का पूरी तरह बहिष्कार किया था, उस वक्त पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर पद पर थे। 

पहले भी हो चुका है बहिष्कार
इससे पहले भी कई बार ओलंपिक खेलों ने विभिन्न देशों द्वारा बहिष्कार या कम देशों की भागीदारी को झेला है। वर्ष में 1956 (मेलबर्न), 1964 (टोक्यो), 1976 (मॉन्ट्रियल), 1980 (मॉस्को), 1984 (लॉस एंजिल्स) और 1988 (सियोल) में युद्ध, आक्रमण और रंगभेद जैसे कारणों से विभिन्न देशों ने ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया था।

राजनीतिक तौर पर भड़काने वाला कदम : चीन
अमेरिकी फैसले पर आपत्ति जताते हुए चीन ने चेताया, यदि वाशिंगटन फरवरी के शीतकालीन ओलंपिक खेलों का राजनयिक बहिष्कार करता है तो बीजिंग इस पर जवाबी कार्रवाई करेगा। अमेरिका में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियु पेंग्यु ने कहा कि यदि अमेरिका ऐसा करता है तो यह राजनीतिक तौर पर भड़काने वाली कार्रवाई होगी। चीन ने कहा, यह कदम दिखावापूर्ण और ओलंपिक चार्टर भावना की गंभीर विकृति है। पेंग्यु ने बाइडन प्रशासन का फैसला एक सियासी हेरफेर बताते हुए कहा, इसका आयोजन की सफलता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सहयोगियों से परामर्श कर रहा कनाडा
बीजिंग में 2022 शीतकालीन ओलंपिक खेलों के कूटनीतिक बहिष्कार के बारे में अमेरिकी फैसले से कनाडा अवगत है और इस मामले में सहयोगियों के साथ परामर्श जारी रखे हुए है। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के प्रवक्ता क्रिस्टेल चार्टेंड ने कहा कि चीन में मानवाधिकारों के उल्लंघन की परेशान करने वाली रिपोर्टों से कनाडा भी काफी परेशान है। वहीं इटली ने कहा है कि वह फिलहाल बीजिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक के अमेरिकी राजनयिक बहिष्कार में शामिल होने की योजना नहीं बना रहा है।

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